अदालती फ़ैसला कमलेश्वरअदालत में एक संगीन फ़ौजदारी मुकद्दमे के फ़ैसले का दिन। मुकद्दमा हत्या की कोशिश का था क्योंकि जिसे मारने की साजिश की गई थी वह गहरे जख्म खाकर भी अस्पताल की मुस्तैद देखभाल और इलाज की बदौलत जिन्दा बच गया था। अदालत ने अभियुक्त नं. 2 का फ़ैसला सुनाया-इस अभियुक्त नं. 2 ने जख्मी फर्द पर गँड़ासे जैसे धारदार हथियार से वार किया, इसलिए इसे सात साल की बामशक्कत कैद की सजा दी जाती है। अदालत ने अभियुक्त नं. 3 की सजा सुनाई-लगता है कि जुर्म के हालात को यह शख्स बखूबी तैयार कर सकता है और उन्हें लागू करने के फर्जी सबूत भी दे सकता है, इसलिए इसे एक साल की सजा और एक हजार रुपया जुर्माना किया जाता है! अदालत ने अभियुक्त नं. 4 की सजा सुनाई-5000 रु. जुर्माने के साथ इसे साक्ष्य के अभाव में बरी किया जाता है। अदालत ने अभियुक्त नं. 5 को बेदाग बरी कर दिया। (‘महफ़िल’ से) |
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